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अंध भक्तों का टूटने लगा नशा कई पूर्व अंध भक्तों, भाजपा समर्थकों ने की भावुक

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अंध भक्तों का टूटने लगा नशा 

    कई पूर्व अंध भक्तों, भाजपा समर्थकों ने की भावुक अपील 


    आम लोगों , सुपर अंध भक्तों से राष्ट्रहित में मोदी भक्ति छोड़ने की अपील की


 लखनऊ। 

    7 साल तक लंबी अंधभक्ति के बाद अचानक खुद को ठगा हुआ महसूस करने वाले सैकड़ों अंध भक्तों ने आज शिक्षक दिवस पर सभी मोदी भक्तों, भाजपा समर्थकों से बेहद दुखी होकर काफी मार्मिक और हृदय विदारक अपील की है ।

    कृपया इस अपील को पूरा पढ़ें और समझें कि उन्होंने क्यों यह अपील की है। उन्होंने अपने साथी अंध भक्तों , मोदी भक्तों से जागरूकता लाने के लिए कई चुभते हुए सवाल ही पूछे और उसी के माध्यम से समाज को जागृत करने का भी प्रयास किया है ।


    उन्होंने कहा कि--

राहुल तो पप्पू है, लालू तो चारा चोर है, ममता तो मोमताज बानो है, अखिलेश टोंटी चोर है, उद्धव गीदड़ है, केजरीवाल खुजलीवाल है!


हां भाई हां, 1 नहीं 10 बार मान लिया कि फलाना ये है ढिमकाना वो है!


पर एक बात तो बताओ, राहुल को पप्पू, लालू को चारा चोर, ममता को मोमताज बानो, अखिलेश को टोंटी चोर, उद्धव को गीदड़, केजरीवाल को खुजलीवाल कह कह कर रट्टा मारते रहने से आपको क्या मिला? 


नौकरी मिली? व्यापार की मंदी खत्म हुई? पेट्रोल 50रु लीटर में मिला? सस्ता सिलेंडर मिला? 


मरते हुए लाखों लोगों को समय पर ऑक्सीजन मिली? अस्पताल में बेड मिला? सही कीमत और समय पर दवाई और इंजेक्शन मिले?


नहीं न?


तो फिर आपको मिला क्या? 


आपको मिला ठेंगा।


धोखा, झूठ, अफवाह, जुमले। चीन-पाकिस्तान-अफगानिस्तान और हिन्दू-मुस्लिम का प्रोपेगैंडा।


105 का पेट्रोल, 100 का डीजल, 900 का सिलेंडर, 170-180 का रिफाइंड तेल, 200 का सरसों तेल, आलू, प्याज इत्यादि की आसमान छूते दाम, बढ़ती मंहगाई।


12 करोड़ लोगों के नौकरी और रोजगार की बर्बादी, चौपट  व्यापार, चौपट अर्थव्यवस्था और तबाह होता देश।


ऑक्सीजन, अस्पताल और दवाइयों के बिना सिर्फ 2 महीनों में कई लाख मौतें।


और तो और अपने विशेष वर्ग के वर्चस्व के लिए OBC/SC/ST का शोषण, हनन


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व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत व उत्तीर्ण हो चुके विद्वान और विदूषियों,


देश में सरकार बदले हुए 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी आपकी समस्या यही है कि राहुल पप्पू है, लालू चारा चोर है, ममता मोमताज बानो है, अखिलेश टोंटी चोर है, उद्धव गीदड़ है, केजरीवाल खुजलीवाल है वगेरह वगेरह!


पर राहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, अरविंद केजरीवाल वगेरह वगेरह है क्या?


देश का प्रधानमंत्री? वित्त मंत्री?स्वास्थ्य मंत्री? या फिर रक्षा मंत्री? सरकार के किसी भी निर्णय में उसकी भूमिका क्या है?


पर फिर भी जब सत्ता पर विराजमान आपके देवपुरुष पर उंगलियां उठे, कोई स्कूल, अस्पताल, नौकरी, रोजगार, अपने अधिकार बात करे, ज्यादातर लोगों की प्रतिक्रिया होती है कि राहुल पप्पू है, लालू चारा चोर है, ममता मोमताज बानो है, अखिलेश टोंटी चोर है, उद्धव गीदड़ है, केजरीवाल खुजलीवाल है?


आप बताइए, 


मूर्खतापूर्ण नोटबंदी और फिर जल्दबाजी में जीएसटी जिनसे अर्थव्यवस्था डूब गई, जीडीपी ग्रोथ पहले 8% से 3.1% और फिर माईनस 7.3% पर आ गयी और इसीलिए करोड़ों नौकरी चली गईं, व्यापार ठप हो गए, ये किसकी करनी है? 


टेक्सटाइल निर्यात और प्रति व्यक्ति आय के अलावा और भी कई मामलों में हम बांग्लादेश से पीछे हो गए कौन जिम्मेदार है इसके लिए?


गलवान में 20 सैनिक शहीद हुए, हमारा कब्जा कई किमी पीछे हट गया, अरुणाचल प्रदेश से सटी भारतीय सीमा के भीतर चीन ने पूरा एक गांव बसा लिया, 


अचानक लॉ..क..डा..उ..न से करोड़ों मजदूरों सैकड़ों से हजारों किमी भूखे प्यासे पैदल चलने के लिए मजबूर हो गये,


लाखों लोग अस्पताल और ऑक्सीजन के लिए भटकते रहे, एक हजार का इंजेक्शन 25 हजार से 1 लाख में खरीदने के लिए मजबूर हुए,


शमशानों में लाइनें लग गयीं और हजारों को कफ़न और लकड़ी, कंडे भी नसीब नहीं हुए,


गंगा में बहती हुई और किनारों पर दफन हजारों हिंदुओं की लाशों को चील, कौए और कुत्ते नोचते रहे,


दर्जनों सरकारी कम्पनियां, दर्जनों बैंक और रेलवे से लेकर एयरपोर्ट जैसी देश की संपत्तियां नीलाम की जा रही हैं, लीज पर दी जा रही है, बेची जा रही हैं,


क्या यह सब इसीलिए हुआ कि राहुल पप्पू है, लालू चारा चोर है, ममता मोमताज बानो है, अखिलेश टोंटी चोर है, उद्धव गीदड़ है, केजरीवाल खुजलीवाल है? कौन है इसका जिम्मेदार? 


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प्रिय अंडभक्त मित्रों,


नींद से जागो।


आसमान से अवतरित संघ रचित विकास पुरूष द्वारा सत्ता संभाले हुए 7 साल बीत चुके हैं, पूरे 7 साल।


और तुमने उसे अपने सिर माथे पर इसीलिए बैठाया था कि मजबूत भारत बनाना है, स्वर्णिम भारत बनाना है, विश्व गुरु बनाना है।


लेकिन असल में हुआ क्या? 


स्वर्णिम नहीं बल्कि कंगला भारत बन चुका है, 


65 साल में देश पर जितना कर्ज था वो सिर्फ 7 साल में दोगुना से ज्यादा हो चुका है, 


हर तरह के टेक्स से जनता का खून चूसने के बावजूद सरकार का खजाना खाली है, 


मजबूत भारत की बजाय इतना मजबूर भारत बन चुका है कि अब नेपाल भी हमें आंख दिखाने लगा है और सारे पड़ौसी देश अब चीन की गोद में जाकर बैठ गए हैं।


लाशों में विश्वगुरु तो बन ही चुके हैं और बहुत तेजी से कंगाली में विश्वगुरु बनने की तरफ बढ़ रहे हैं।


परंतु आप लोगों की समस्या पता है क्या है?


आप अभी तक इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि जिस आदमी को आपने मसीहा समझकर दो बार सत्ता के शीर्ष पर बैठाया वो आदमी पहले वालों की खींची गयी लकीर की तुलना में बड़ी लकीर खींचने में पूरी तरह नाकाम रहा है।


इसीलिए आप लोगों को पुरानी लकीर को मिटाकर उसे छोटा दिखाने में लगा दिया गया है।


बार बार राहुल को पप्पू, लालू को चारा चोर, ममता को मोमताज बानो, अखिलेश को टोंटी चोर, उद्धव को गीदड़, केजरीवाल को खुजलीवाल कहने से आप लोग खुद को आत्मग्लानि के अहसास से तो बचा सकते हैं, लेकिन देश को बर्बादी से नहीं।


बर्बादी की आग चारों तरफ फैल चुकी है, करोड़ों उसमें झुलस गए हैं, और लाखों जलकर खाक हो चुके हैं।


अब ये आपको तय करना है कि उस आग में आपको भी जलना है, या फिर बचने का उपाय करना है।


जलना है तो वही करिए जो अभी तक कर रहे थे, राहुल तो पप्पू है, लालू तो चारा चोर है, ममता तो मोमताज बानो है, अखिलेश टोंटी चोर है, उद्धव गीदड़ है, केजरीवाल खुजलीवाल है.....!


अन्यथा खुद को धोखा देना बंद कीजिए,


इतना भी न कर पाएं तो कम से कम जो लोग बोल रहे हैं उनकी टांग मत खींचिए।


और इतना सब होने के बाद भी कुछ समझ में न आये तो बस अपनी बारी का इंतजार कीजिये,


क्योंकि करोड़ों जिनकी नौकरी, रोजगार चला गया, अधिकार छीना गया, व्यापार बर्बाद हो गया, और जो लाखों लोग असमय परलोक चले गए, बिल्कुल आपकी तरह, उनमें से ज्यादातर को उसके मसीहा होने का भ्रम था।


हां आखिरी बात, 


जिस जिस को पप्पू, चोर, बानो, टोंटीचोर, गीदड़, खुजलीवाल साबित करने के लिए वो कागजी मसीहा साल में सैकड़ों-हजारों करोड़ खर्च करता है न,


उसके एक एक बयान का जवाब देने के लिए एक दर्जन मंत्री और पूरा गोदी मीडिया लगाना पड़ता है,


और देर सवेर उसी पप्पू, चोर, बानो, टोंटीचोर, गीदड़, खुजलीवाल की बात पर अमल करना पड़ता है।

    भाजपा के लिए पिछले 7 साल से मुफ्त में चाकरी करने के बाद अब कई युवकों की आंखें खुलने लगी हैं।

    इन लोगों की आंखें उनके अभिभावकों द्वारा समझाने पर खुली हैं। 

    इन लोगों ने भी समझा कि पिछले 7 साल से झंडा ढोने, नारेबाजी करने और विपक्षी नेताओं को गाली देने के बाद भी उनके घर की माली हालत में कोई सुधार नहीं आया है ।

   उनको कहीं रोजगार नहीं मिला । कहीं दुकान भी भाजपा या संघ वालों ने नहीं दी। आर्थिक हालत में भी कोई सुधार नहीं आया बल्कि गरीबी बढ़ती गई।

     दूसरे धर्म के लोगों से पिटाई भी मिली।  स्वर्ण युवकों ने भी प्रेम सद्भाव नहीं दिया। 

    बस नारेबाजी करने तोड़फोड़ ,पथराव करने दूसरे धर्म के विषय में गालियां बकने पर सौ,  ₹200 ही मिलते रहे, जिससे वे घर में अपने सब्जी लेकर नहीं आ पाए ।

  7 साल के लंबे बेरोजगारी में भक्तों की कमर तोड़ दी है। अंधभक्त अपनों के लिए अस्थाई रोजगार का भी कोई साधन नहीं खोज पाए। किसी जगह ठेके पर भी नौकरी नहीं मिली। 

    इसे पढ़ने के बाद सभी मोदी भक्तों , भाजपा भक्तों को सच्चाई पता लग जाना चाहिए । समझ जाना चाहिए कि भाजपा और मोदी का अब फटे हुए ढोल की मानिंद है ।

  ये लोग कुछ भी समाज को नया नहीं दे सकते । यह समाज को तोड़ने वाले तत्व है । विभिन्न धर्मों और विभिन्न जातियों को आपस में लड़ाने वाले साजिशकर्ता अपराधी हैं। इसलिए इन लोगों ने समाज में जागरूकता के लिए अभियान चलाया है।